दूर चले जा

बेशक
अब किसी के दिल में
नहीं रहता हूँ
खुद पे ही जुल्म करके
खुद को ही सहता हूँ
अपने जख्मों को ले
कहीं दूर चले जा
मैं अब भी तीखा सच
खूब कहता हूँ